Thursday, February 18, 2016

फिरंगी चीखती भी रही और चुदाती भी रही भाग १

कभी कभी आपको कुछ ना चाहते हुए भी काफी कुछ मिल जाता है लेकिन इस से उसकी कीमत कम नहीं हो जाती क्यूंकि उस से जो ख़ुशी मिली है वो ज़रूरी है. ऐसा ही एक दफे मेरे साथ हुआ था जब मैं अपने दोस्तों के साथ पुष्कर गया, हम लोगों का एक बैंड था जिसे पुष्कर के एक फेस्टिवल में परफॉर्म करना था. उन दिनों मैं लाइफ के अजीब स्टेज में था और जम कर गांजा – चरस पीता था. इस फेस्टिवल में ज़्यादातर फिरंग लोग ही आते थे और हमारा बैंड एक फ्यूज़न बैंड था सो हमारा म्यूजिक बहुत पसंद भी किया गया.
परफॉरमेंस देते समय आपको ये याद नहीं रहता की कौन आपको नोटिस कर रहा है, लेकिन सोंग्स के बीच के ब्रेक में मैंने देखा की मुझे एक फिरंग काफी देर से नोटिस कर रही है. उसने स्माइल पास की तो मैं भी मुस्कुरा दिया लेकिन फिर अपनी परफॉरमेंस में खो गया. जब परफॉरमेंस ख़त्म हुई तो हम लोग बैठ कर गांजा पीने लगे बैंड ने सुबह जल्दी ही जयपुर निकलने की सोची क्यूंकि हमारी फ्लाइट के हिसाब से सबको टाइम पर पहुचने की जल्दी थी. सब सो गए लेकिन मुझे नींद नहीं आरही थी तो मैं अपने टेंट से बाहर आ गया और बैठ कर एक और जॉइंट रोल कर के सुलगाया और गिटार बजाना शुरू किया.
मुझे दूर कहीं एक फीमेल परछाई दिखी तो मैं घबरा गया की कहीं इस वीराने में कोई प्रेतात्मा तो नहीं है, लेकिन वो फीमेल परछाई मेरी तरफ बढती चली गई मैंने अपने मोबाइल की रौशनी में देखा तो ये वही इजरायिली लड़की थी. मैंने एक मुस्कान फेंकी तो वो भी मुस्कुराई और मेरे पास आ कर बैठ गई, उसने अपना नाम देलिया बताया और मुस्कुरा दी, चूँकि हम दोनों को ही एक दुसरे की भाषा नहीं आती थी इस लिए हम इंग्लिश में बातें करने लगे. देलिय बीस इक्कीस  बरस की छरहरी लड़की थी और उसने एक कमाल का टॉप पहन रखा था, उस चांदनी रात में वो बड़ी सुन्दर दिख रही थी उसका बदन जैसे किसी बेल की तरह लचीला था और वो खुले बालों में कमाल की लग रही थी.
उसने मुझसे एक जॉइंट रोल करने को कहा और खुद गिटार बजाने  लगी वो साथ ही कोई इजरायिली गाना भी गुनगुना रही थी जो सुनने में बहुत ही अच्छा लग रहा था. जॉइंट सुलगा कर मैंने उसकी तरफ बढ़ाया तो उसने ख़ुशी ख़ुशी मेरे साथ जॉइंट स्मोक किया और पल भर में ही वो अच्छे मूड में आ गई थी. हम दोनों खुले आसमान के नीचे मिटटी के टीले पर बैठे एक दुसरे को गाने सुना रहे थे, मज़े की बात ये की ना तो उसे हिंदी गीत समझ आ रहे थे और ना ही मुझे इजरायिली लेकिन फिर भी मज़ा बहुत आरहा था.
उसने अपने बैग में से मुझे चरस का एक दाना दिया और जॉइंट बनाने को कहा, मैंने भी बिलकुल एक प्रो की तरह मिनट भर में ही जॉइंट रेडी कर लिया और सुलगाया. अब हम फिर स्मोक कर रहे थे लेकिन अब वो मुझ पर अधलेटी हो कर आसमान को निहार रही थी, मैंने गिटार को एक साइड रख दिया क्यूंकि मैं एक टाइम पर एक ही चीज़ बजा सकता था. उसने अपनी एक टांग मेरी टांगों के बीच फँसा ली और मुझसे टाइट लिपट गई क्यूंकि इतनी गहरी रात में मिटटी के टीलों पर हलकी सी ठण्ड बढ़ जाती है, मैं भी उस से कसकर लिपट गया.
उसकी साँसें मेरी गर्दन को छू रही थी और मेरे लंड का माहौल बना रही थी, मैंने उसके सुन्दर चेहरे को सहलाया तो उसने आँखें खोली मुस्कुराई और फिर से मेरे आगोश में सिमट गई. देलिया के शरीर में से एक अजीब सी खुशबु आ रही थी जो शायद किसी नेचुरल आयल की थी और उस खुशबु से मैं मदहोश हुआ जा रहा था, मैंने उस से पूछा “ये खुशबु किस चीज़ की है” तो उसने मुझे बताया की ये एक तरह का आयल है जो मच्छर भगाने  के लिए लगते हैं, ये सुन कर मैं हंस पड़ा और बोला “आशिक भगाने के लिए क्या करते हैं” तो वो भी हँसी और बोली “आशिक भगाए नहीं जाते, उनकी बाहों में वक़्त बिताया जाता है”.
देलिया मुझसे कसकर लिपटी हुई थी और उसके नन्हे नन्हे बूबिज़ उसकी ड्रेस में से फुदक कर बाहर आना चाहते थे, मैंने अपने होंठ उसकी बंद आँखों पर छुआ कर हलके से किस किया तो वो आँखें खोल कर मुस्कुराई उसने अपने होंठ मेरे होठों के पास लाकर हलके हलके उन्हें मेरे होठों पर रगड़ना शुरू किया. ये खेल बड़ा ही गज़ब का था क्यूंकि उसके नर्म मुलायम होंठ मेरे होठों को सुकून दे रहे थे और उसकी साँसें मेरी साँसों से टकरा रही थी.
मैंने खुद आगे बढ़कर देलिया को स्मूच  किया और कसम से ये अब तक का सबसे कातिल स्मूच था, क्यूंकि ये कम से कम दो मिनट तक चला. देलिया और मैं काफी देर तक एक दुसरे के होंठों को चूमते – चूसते रहे और फिर उसने मेरी जीभ को अपने दाँतों के बीच हलके से दबाया और चूसने लगी. देलिया ने मेरे अन्दर के तूफ़ान को ऐसे जगा दिया था की मेरा रुकना अब नामुमकिन था सो मैंने उसकी ड्रेस में हाथ डाल कर उसके नन्हे नन्हे बूबीज़ को सहलाना शुरू किया और स्मूच को भी जारी रखा.
देलिया ने धीरे से अपना हाथ मेरे लोअर में डाला और उसे मिला मेरा मोटा लंड जिसे पकड़ कर वो अजीब तरीके से मुस्कुराने लगी तो मैंने पूछा “व्हाट हेपंड” उस ने कहा “नथिंग इट्स ह्यूज” और वो फिर से लंड को मसलते हुए मेरे होंठों को चूसने लग गई. देलिया ने मेरी टी शर्ट में हाथ डाला और मेरे निप्प्ल्स से मेरे छाती के बालों से खेलना शुरू किया मैंने उसका इशारा समझ कर अपना टी शर्ट उतार फेंका वो मेरे निप्प्ल्स को अपनी जीभ से छेड़ रही थी. मेरा पूरा शरीर गनगना उठा क्यूंकि वो अपनी जीभ से मेरी छाती, निप्पल्स नाभि वगेरह को चाटते हुए मेरे लोअर तक पहुँच गई.

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